20. महात्मा गांधी का मानवतावाद: सत्य और अहिंसा की दार्शनिक आधारभूमि का विश्लेषणात्मक अध्ययन
 
Souvik Halder 
Research Scholar 
Department of Philosophy 
Binod Bihari Mahto Koyalanchal University 
Dhanbad, Jharkhand, India
Email: souvikhalder621@gmail.com 

Abstract: यह शोधपत्र “महात्मा गांधी का मानवतावाद: सत्य और अहिंसा की दार्शनिक आधारभूमि का विश्लेषणात्मक अध्ययन” गांधी दर्शन के नैतिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप की विवेचनात्मक पड़ताल करता है। गांधी का मानवतावाद केवल सैद्धांतिक अवधारणा न होकर एक सक्रिय जीवनदर्शन है, जिसकी जड़ें सत्य और अहिंसा के शाश्वत सिद्धांतों में निहित हैं। इस अध्ययन का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि गांधी के लिए ‘सत्य’ परम मूल्य है, जो मानव जीवन के नैतिक संचालन का केंद्र है, तथा ‘अहिंसा’ उस सत्य की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। गांधी का मानवतावाद व्यक्ति और समाज के मध्य नैतिक संतुलन स्थापित करता है, जहाँ आत्मा की शुद्धि और लोककल्याण परस्पर पूरक बन जाते हैं। यह शोध यह भी प्रतिपादित करता है कि गांधी के सत्य-अहिंसा आधारित मानवतावाद में धर्म, राजनीति और समाज—तीनों का एकात्मिक दृष्टिकोण विद्यमान है। समकालीन युग में जब हिंसा, उपभोक्तावाद और नैतिक पतन ने मानवता को चुनौती दी है, तब गांधी का यह दर्शन मानव मूल्य पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। अतः यह अध्ययन गांधी के मानवतावादी चिंतन की दार्शनिक गहराई और उसकी वर्तमान प्रासंगिकता दोनों को उद्घाटित करता है।

Keywords: मानवतावाद, भारतीय दर्शन, अहिंसा, नैतिकता, सार्वभौमिक कल्याण, सर्वकेंद्रित दृष्टि, सत्याग्रह।
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